purvi raag in hindi

Purvi Raag in Hindi Bandish Kajar Kare 8 16 Matras Allap Taan

Purvi Raag in Hindi

Purvi raag in hindi – Bandish ” kajar kare ati sukh kare ” Allap Taan in Indian classical music is described in this post of Saraswati sangeet sadhana .

इस राग को पूर्वी थाट जन्य माना गया है। इसमें रे ध कोमल ग नि शुद्ध तथा दोनों मध्यम प्रयोग किये जाते है। इसकी जाति संपूर्ण है। गंधार वादी और निषाद संवादी है। इसे सायंकाल में गाया- बजाया जाता है।

Purvi Raag Aaroh Avaroh Pakad

आरोह :-   .नि सा  रे(k) ग  , म(t) प  , म(t) ध(k) नि  सां I

अवरोह:-   सां  , रें(k) नि  ध(k)  प ,  म(t) प ग म ग  , रे(k) सा  I

पकड   :-   .नि सा रे(k) ग , रे(k) ग रे(k) म ग , म(t)  ग रे(k) सा    

ओर

आरोह :-   .नि सा  रे(k) ग  , म(t) प  , म(t) ध(k) नि  सां I

अवरोह:-   सां  नि  ध(k)  प ,  म(t) ग , म ग  रे(k) सा  I

पकड   :-   .नि , सा रे(k) ग , रे(k) ग , रे(k) म ग , रे(k) सा   

Purvi Raag Parichay

ठाट :- पूर्वी  ठाट

जाति :- सम्पूर्ण – सम्पूर्ण  (7,7)

वादीसंवादी स्वर :-  ग , नि  

गायन समय :- सायंकाल

पूर्वी राग की विशेषता-

  • यह राग अपने थाट का आश्रय राग है। यहीं नाम इसके थाट को दिया गया है।
  • पूर्वी के अवरोह में दोनों मध्यम का प्रयोग होता है। कभी कभी दोनों मध्यम साथ भी प्रयोग किया जाता है। आरोह में सदैव तीव्र म प्रयोग होता है। आरोह- अवरोह से स्पष्ट है।
  • ऊपर जाते समय आरोह में अधिकतर पंचम वर्ज्य कर दिया जाता है, जैसे म(t) ध नि सां।
  • इसकी प्रकृति गंभीर है। अतः इसमें मींड के और गमक के काम की अधिक गुंजाइश है। साथ ही साथ इसमें छोटा ख्याल, बडा ख्याल, मसीतखानी और रज़ाखानी गतें बहुत अच्छी लगती हैं। इसमें ठुमरी नहीं गाई जाती हैं।
  • यह पूर्वाग वादी राग है जो सायंकाल संधिप्रकाश के समय गाया जाता हैं। इसकी चलन अधिकतर मंद्र और मध्य सप्तकों में अधिक होती हैं।

न्यास के स्वर सा, ग और प।

समप्रकृति राग- पूर्वाग में परज और उत्तरांग में पूरियाधनाश्री।

विशेष स्वर संगतियाँ-

  1. नि सा रे ग, रे म- ग।
  2. ग म ग रे ग, रे सा।
  3. नि सा रे ग, म(t) ध प- म(t) ग म- ग।
  4. (प) म(t) ध प म(t) ग म ग, रे ग रे म ग।

Purvi Raag Time

गायन समय – दिन का दूसरा प्रहर

आरोह  सा : , रे ग  प  , ध  सां  ।

अवरोह  सां :   ध – प , ग प , ध प , ग रे  सा ।

पकड़  ग प : , ध प ध ।  


Purvi Raag bandish

पूर्वी राग बन्दिश

स्थायी –

काजर कारे अति सुख वारे

नैन तिहारे लागत प्यारे

अंतरा –

नीर खत लगत करत मन बस में

चपल चाप अनियारे प्यारे

Purvi Raag Notation

स्थायी –

9  10  11  12  / 13  14  15  16  / 1  2  3  4  /  5  6  7  8 

का  –   ज    र  /    का   –    –   रे  /  अ   ति  सु  क  / वा  –  रे   –

(सा).नि  रे(k)  ग  रे(k)ग  / प(म(k))  –  –  प / प  ध(k) म(t)  पम(t) / ग म ग –  

0                   /  3                  / x                 /  2      

9   10   11   12  / 13  14  15  16  /  1   2   3   4   /  5   6   7   8 

नै   –   न   ति   /   हा   –   रे   –   /   ला   –   ग  त    /  प्या   –   रे   –

(ग)म(t)  रे(k) ग म(t)  / म(t)  –  ग  –  / म(t)  रे(k) ग म(t)  / ग रे(k) सा –  

0                  /  3                 / x                /  2      

अंतरा –

9  10  11  12  / 13  14  15  16  / 1  2  3  4  /  5  6  7  8 

नि  र  ख  त   /  ल  ग  त   क  /  र  त  म  न  /  ब   स   में  – 

(ग)म(t) म(t)  ग ग / (ध(k))म(t)  म(t) ध(k) म(t)ध(k) / सां सां सां सां / सां रें(k) सां –      

0                  /  3                 / x                /  2      

9  10  11  12  / 13  14  15  16  / 1  2  3  4  /  5  6  7  8 

च  प  ल  चा  /  –  प  अ   नि   /  या   –  रे   –  /  प्या  – रे   – 

(सां)नि  रें(k) गं नि / रें  नि  (ध(k))म(t)  म(t)(k) / म(t)  ग ग म(t) / ग  रे(k) सा –  

0                  /  3                 / x                /  2      


Purvi Raag 8 16 Matras Allap Taan

8 Matras Allaap

काजर कारे

.नि रे(k) ग – / म(t)  ग – –

.नि रे(k) ग म(t)  / ग रे(k) सा –

.नि रे(k) ग म(t)  / ग – रे(k) ग

ग म(t)  प म(t)  / ग – – –

प – म(t) ग / म ग रे(k) ग

ग म(t)  प – / ध(k) प म(t)  ग

प – म(t) ग / म गरे(k) ग –   

16 Matra Alaap –

काजर कारे अति सुख वारे

सा .नि – सा / रे(k) – सा – / रे(k) ग – म(t)   / ग  – रे(k) सा

प – म(t)  प / ग म ग – / .नि रे(k) ग – / रे(k) – सा –

.नि .ध .नि सा / रे(k) – सा – / रे(k) ग म(k) ग / रे(k) – सा –

.नि रे(k) ग म(k) / प ध(k)  प म(t) / ग म ग रे(k) / ग रे(k) सा –

ग म(t) प म(t)  / ध(k) प म(t) ग / नि ध(k) प म(t)  / ग रे(k) सा –

ग म(t)   प ध(k) / प – प – / म(t) ग म ग / रे(k) ग –

.नि रे(k) ग म(t)  / प म(t)  ग – / म(t)  ग रे(k) ग / रे(k) सा – –   

Purvi Raag Taan in Hindi

16  Matras Taan-

काजर कारे अति सुख वारे

.निरे(k) गम(t) पध(k) निसां / सांनि ध(k)प म(t)ग रे(k)सा /.निरे गम(t) पध(k) निसां / निनि ध(k)प म(t)ग रे(k)सा

.निरे(k) गरे(k) गरे(k) गरे(k) / .निरे(k) गरे(k) गरे(k) सा– / .निरे(k) गम(t) पम गम(t) / पम गम(t) गरे(k) सा –

.निरे(k) गरे(k) गरे(k) सा – / .निरे(k) गम गरे(k) सा- / .निरे(k) गम(t) पम(t) गम(t) / पम(t) गम(t) गरे(k) सा –

.निरे(k)  गग रे(k)ग म(t)(t) / पम(t) गम(t) गरे(k)  सा- / पम(t) गम(t) पम(t) गम(t) / गम गम  गरे(k) सा –

पूर्वी राग की प्रश्न उत्तर –

पूर्वी राग के आरोह अवरोह पकड़ क्या है ?

आरोह :-   .नि सा  रे(k) ग  , म(t) प  , म(t) ध(k) नि  सां I
अवरोह:-   सां  , रें(k) नि  ध(k)  प ,  म(t) प ग म ग  , रे(k) सा  I
पकड   :-   .नि सा रे(k) ग , रे(k) ग रे(k) म ग , म(t)  ग रे(k) सा      

राग पूर्वी का गायन समय क्या है ?

गायन समय – सायंकाल

पूर्वी राग की जाति क्या है ?

जाति – सम्पूर्ण – सम्पूर्ण

पूर्वी राग का ठाट क्या है ?

थाट – पूर्वी थाट

पूर्वी राग के वादी संवादी स्वर क्या हैं ?

वादी -सम्वादी स्वर –  ग , नि

Complete description of purvi Raag with bandish , taan allap in hindi is described in hindi..

Raag parichay of all raags in Indian Classical music..

Click here For english information of this post ..   

Some posts you may like this…

4.7/5 - (8 votes)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top