Biography ( Lifesketch ) of Abdul Karim khan Musician-Jivni in Hindi is described in this post of Saraswati sangeet sadhana .
Learn indian classical music in simle steps…
Abdul Karim khan Musician-Jivni
अब्दुल करीम खाँ की जीविनी
जन्म:-
अब्दुल करीम खाँ का जन्म किराना गाँव में 11नवम्बर सन् 1872 ई० में हुआ। इनके घराने में प्रसिद्ध गायक, तंत्रकार व सारंगी वादक हुये है।
संगीत शिक्षा:-
इन्होंने अपने पिता काले खाँ व चाचा अब्दुल खाँ से संगीत शिक्षा प्राप्त की।
संगीत कार्यक्रम:-
जब आप छ: वर्ष के थे तब प्रथम बार संगीत महफिल में एक कार्यक्रम में आपका गायन हुआ। 15 वर्ष की उम्र में तत्कालीन बडौदा नरेश ने इन्हें अपने यहाँ दरबारी गायक नियुक्त कर लिया। ततपश्चात 1902 में प्रथम बार मुम्बई आए और मिरज गये।
संगीत विद्यालय की स्थापना:-
सन् 1913 ई० के लगभग आपने पूना में ‘आर्य संगीत विद्यालय’ की स्थापना की तथा इसकी एक शाखा बम्बई में स्थापित की।
गायन शैली:-
खाँ साहब गोबरहारी वाणी की गायकी गाते थे। मींडयुक्त और कणयुक्त गायकी के प्रसार का श्रेय खाँ साहब को ही है। आपकी आवाज बेहद मधुर और सुरीली थी। आपकी गायी हुई ठुमरी ‘ पिया बिन नहीं आवत चैन’ बहुत प्रसिद्ध हुई।
प्रमुख शिष्य:-
आपके प्रमुख शिष्यों में हीराबाई बडोदेकर, सवाई गंधर्व, रोशन आराबेगम प्रसिद्ध कलाकार हुये। जिन्होंने आपका नाम रोशन किया।
मृत्यु:-
27 अक्टूबर सन्1937 में पोंडिचेरी के एक कार्यक्रम में जाते वक्त रात्रि के 11 बजे मिरज में हुआं था । आपका शव मद्रास लाया गया तथा ख्वाजा भिरा साहब की दरगाह के पास दफना दिया गया।
Biography of Abdul Karim khan Musician-Jivni in Hindi is described in this post of Saraswati Sangeet Sadhana..
Click here for Biography of all Indian singers
Click here For english information of this post ..
Some post you may like this…