यमन राग

Raag parichay of Yaman Raag / यमन राग का परिचय

Descripton of Yaman raag parichay in indian classical music in hindi is available on saraswati sangeet sadhana.

Yaman Raag

राग विवरण – इस राग की रचना कल्याण थाट से मानी गयी है । इसमे तीव्र मध्यम और अन्न्य स्वर शुद्ध प्रयोग किए जाते हैं ।ग वादी और नि संवादी माना जाता है  इसलिए इसकी जाती सम्पूर्ण – सम्पूर्ण  है । आरोह :-   .नि  रे  ग  म(t) प  ध  नि  सां I

अवरोह:-   सां  नि  ध  प  म(t)  ग  रे  सा ।

पकड   :-   .नि रे ग रे .नि रे सा  ,प  म(t) ग रे नि रे सा  

ठाट :- कल्याण ठाट

जाति :- सम्पूर्ण – सम्पूर्ण (7,7)

वादी – संवादी स्वर :- ग – नि   

गायन समय :- रात्रि का प्रथम प्रहर

  • मुसलमानों ने इसे यमन अथवा इमन कहना शुरू किया , किन्तु इसका प्राचीन नाम कल्याण है ।

           इस राग के दो  नाम है । यमन अथवा कल्याण ।

  • इस राग में नि रे और प , रे स्वर – समूह बार –बार प्रयोग किए जाते हैं।
  • कल्याण राग को आश्रय राग भी कहा गया है । इसका कारण यह की जिस थाट से इसका जन्म माना गया है उस भी कल्याण कहा गया है ।
  • कल्याण की प्रकर्ति गंभीर है । इसमें बारा और छोटा ख्याल ,तराना , ध्रुपद , तथा मसीटखनी और रजाखानी गतें सभी सभी सामान्य रूप से गाई – बजाई जाती हैं ।
  • न्यास के स्वर – सा , रे , ग , प और नि
  • मिलते -जुलते राग – यमन कल्याण

इस राग की बंदिश , आलाप , तान देखने के लिए यहाँ क्लिक करें –

Raag parichay of all raags in Indian Classical music..

Descripton of Yaman raag parichay in indian classical music in hindi is decsribed in post of  saraswati sangeet sadhana.

Click here For english information of this post ..   

Some posts you may like this…

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top
Open chat