Rukmini Devi Arundale biography in hindi

Rukmini Devi Arundale Biography in Hindi Jivani Kathak Artist

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Rukmini Devi Arundale  Biography in Hindi

Rukmini Devi Arundale  Jivani in Hindi

रूक्मिणी देवी अरूण्डेल

  • इनका जन्म 1904 में दक्षिण भारत के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम श्री नीलकंठ शास्त्री था जो मद्रास प्रति के चिवसनुलर स्थान के रहने वाले थे। ये संस्कृत के पंडित तथा सरकारी इंजीनियर थे।
  • सन् 1920ई० में इनका विवाह श्री० जे० एस० अरूण्डेल से हुआ। सन् 1924 ई० में इन्होंने विदेश यात्रा शुरू की। आस्ट्रेलिया में इनकी मुलाकात विश्वविख्यात रूसी नर्तकी अन्नापावलोआ से हुई। उनसे इन्हें काफी प्रोत्साहन मिला और इनके ह्रदय में एक सफल अभिनेत्री बनने की अभिलाषा हुई। इनका सारा समय 1924से 1936 तक विदेश भ्रमण में बीता।
  • विदेश से लौटने पर सौभाग्य से इन्हें श्री मीनाक्षी. सुन्दरम पिल्लई का नृत्य देखने को मिला। उनके नृत्य से यह बहुत प्रभावित हुई और उनकी शिष्या बन गई। बडे परिश्रम और लगन से इन्होंने भरतनाट्यम की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद इन्होंने सुप्रसिद्ध नर्तकी ब्रह्मश्वी पापनाशन शिवम से भी भरतनाट्यम की शिक्षा ली।
  • सन् 1926 में अडियर में स्थापित इन्टरनेशनल एकेडमी ऑफ आर्ट्स की अध्यक्षता चुनी गईं। सन्1836 में.इन्होंने दक्षिण भारत का भ्रमण किया और नृत्य का प्रचार किया। रूक्मणी जी के नृत्य भारतीय आदर्शों पर आधारित थे और आध्यात्मिक होते थे। सन् 1956 में तत्कालीन राष्ट्रपति स्व० डाँ० राजेंद्र प्रसाद ने इन्हें पदमभूषण की उपाधि से विभूषित किया। सन् 1988 में इनका स्वर्गवास हो गया।

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