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Raag parichay of Shivmat Bhairav raag Description notes I Aaroh Avaroh in hindi

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Hindi notes of  Shivmat Bhairav raag / राग- शिवमत भैरव  का परिचय 

Shivmat Bhairav raag description / information in detail-

राग- शिवमत भैरव  की विशेषता:-

 

संक्षिप्त परिचय:- इस राग की रचना भैरव थाट से मानी गई है। इसमें दोनों गंधार, दोनों निषाद, तथा ऋषभ- धैवत कोमल प्रयोग किये जाते हैं। जाति वक्र संम्पूर्ण है। वादी स्वर धैवत और संवादी ऋषभ है। गायन समय प्रातःकाल है।

आरोह सा रे ग म प नि सां।

अवरोह सां नि प, नि प म ग म रे सा, नि सा रे सा।

विशेषता:-

  1. नाम से स्पष्ट है कि यह भैरव का एक प्रकार है।
  2. आरोह में शुद्ध और अवरोह में कोमल ग नि विशिष्ट स्थान पर प्रयोग किये जाते हैं।
  3. इसकी चलन वक्र है। कुछ विद्वान ने इसमें भैरव और तोड़ी मेल माना है।

Raag parichay of all raags in Indian Classical music..

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