Preveshika pratham music syllabus of Gandharva Mahavidyalaya in Hindi

Preveshika pratham 1st Exam music syllabus of gandharva mahavidyalaya in hindi is described in this post of saraswati sangeet sadhana.

प्रेवेशिका प्रथम वर्ष

गायन – वादन

 पूर्णांक  : 75  नियुनतम 26

क्रियात्मक : 60  शास्त्र (मौखिक ) : 15

शास्त्र :

  • निम्नलिखित शब्दों की संक्षिप्त परिभाषाएँ :-

संगीत , ध्वनि, नाद , स्वर , शुद्ध स्वर , विकृत स्वर (कोमल स्वर , तीव्र स्वर ), वर्जित स्वर , सप्तक , मेल , अलंकार (पलटा ) , राग , जाती (औडव , षाडव, सम्पूर्ण ) , वादी , संवादी , पकड़ , आलाप , तान , स्वरमलिका , ( सरगम गीत ) लक्षण गीत , स्थायी , अंतरा , लय (विलंभित , मध्य , द्रुत ) , मात्रा , ताल , विभाग , सं , ताली , खाली , दुगुन , ठेका , वर्जित स्वर , आवर्तन इन सभी पारिभाषिक शब्दों का वर्णन पाठयक्रम के राग तथा तालों के उधारण ध्वरा स्पष्ट किया जाए ।

  • पाठ्यक्रम के रागों का शास्त्रीय ज्ञान : रागों के मेल (थाट) , स्वर , आरोह , आवरोह , पकड़ , मुख्य – स्वर समुदाय , समय, जाति , वादी , संवादी , वर्जित स्वर , आदि का विवरण ।
  • स्वरलिपि के चिन्हों का प्रारम्भिक ज्ञान ।

 

क्रियात्मक :

  • स्वरज्ञान : – सात शुद्ध स्वरों को गाना / बजाना , पहचानना । कोमल , तीव्र , स्वरों को गाना / बजाना तथा राग के स्वरों की सहायता से उनको पहचानना । निम्नलिखित शुद्ध स्वरों के पाँच सरल अलंकार विलंभित तथा मध्य लय में गाना / बजाना तथा हर अलंकार का प्रयोग पाठ्येक्रम के किसी एक राग में करना ।
  • सारे , रेग , गम ……….सां नि , नि ध , ध प
  • सा रे सा , रे ग रे , ग म ग , …. सां नि सां , नि ध नि , ध प ध (दादरा ताल में )
  • सा रे ग सा रे ग म , रे ग म रे ग म प …………(रूपक ताल में) ।
  • सा ग रे सा , रे म ग रे , ग प म ग …….(तीन ताल में ) ।
  • सा म , रे प , ग ध …………
  • राग ज्ञान : –

 

यमन ,काफी , खमज , भीमप्लासी ,बागेश्री , भूपली , देश , दुर्गा ।

  • एन सभी रागों के आरोह – अवरोह , पकड़ तथा प्रारभिक आलाप/ स्वर विस्तार ।
  • हर राग में मध्य लय का एक गीत अठुवा गत ।
  • एनमें से किनही 6 रागों में बंदिश / गत , आलाप / स्वरविस्तार , तान सहित अठुवा, गत तौड़ोसहित 5 मिनट तक गाने अथवा बजने की तैयारी ।
  • झपताल अथवा रूपक अठुवा एकताल में एक गीत , दो सरगम गीत तथा दो लक्षण गीत , एक दृयड (दुगुनसहित ) एक भजन इस प्रकार सात अतिरिक्त गीत पाठ्यक्रम के रागों में किए जाएँ । वादन के विधार्थियों के लिए त्रिताल के अतिरिक्त अन्य तालों में दो रचनाएँ , तथा एक धुन वाध्यानुकूल अलंकार विशिष्ट बोलों सहित किए जाएँ ।
  • मुख्य रागदार्श्क स्वरों ध्वरा राग पहचानना ।
  • “वन्देमातरम” और “जन गण मन ” यह राष्ट्र गीत गाना – बजाना आवश्यक है ।
  • ताल ज्ञान : – एकताल , चारताल ,झपताल की जानकारी तथा हाथ से ताल देकर बोलने का अभ्यास ।

अंकपत्रिका : –

सूचना : – इस परीक्षा के लिय हर एक विध्यार्थी को 15 मिनट का समय होगा । हर एक विध्यार्थी की परीक्षा अलग – अलग लेना आवश्यक है ।

हारमोनियम का उपयोग केवल आधार स्वर ( षडज – पंचम / माध्यम ) के लिए होगा । संगत करने की अनुमति केवल प्रथम राग गाते समय होगी ।

पूछे गए राग में आलाप तान के साथ बंदिश : 8 अंक  तथा अन्य एक राग में तीन आलाप या 5 तान के साथ बंदिश : 7 अंक । कुल : 15 अंक ।

एक अलंकार शुद्ध स्वरों में तथा एक किसी राग में : – 6 अंक ।

द्रुपद या वध्यानुकुल अलंकार थाह तथा दुगुन में : 5 अंक ।

तीन ताल को चोरकर अन्य में बंदिश : 5 अंक ।

 लक्षण गीत , भजन , सरगम गीत , धुन , वंदे मातरम तथा जन गण मन एन में से कोई तीन प्रकार : 12 अंक ।

 राग पहचानना ( तीन राग ) : 6 अंक ।

 स्वर पहचानना सा रे ग ,  ध नि , ग म प , म प नि इस प्रकार दो स्वर समूह 6 अंक ।

दो तालों की जानकारी तथा हाथ से ताल देकर ठेका बोल्न : 5 अंक ।

शस्त्रा (मौखिक) : –

एक राग की जानकारी : 5 अंक ।

किसी एक गीत / गत प्रकार या स्वर लिपि पध्दति की जानकारी : 4 अंक तथा अन्य तीन चोटी परिभाषाएँ : 6 अंक ।

कुल : – 15 अंक ।

सर्व योग : 75 अंक ।

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Preveshika pratham music syllabus of Gandharva Mahavidhyalaya in Hindi are described  in this post  .. Saraswati sangeet sadhana provides complete Indian classical music theory in easy method .

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