Preveshika poorna Kathak dance syllabus in Hindi Gandharva mahavidyalaya

Kathak dance Preveshika poorna – syllabus in Hindi Gandharva mahavidyalaya is described in this post of Saraswati sangeet sadhana

Preveshika poorna Kathak dance-Gandharva mahavidyalaya

 

अ० भा० गांधर्व मण्डल, मुम्बई , कथक नृत्य का  प्रवेशिका पूर्ण पाठ्यक्रम

पूर्णाक:125, न्यूनतम:44,   शास्त्र:50, न्यूनतम:18,  क्रियात्मक:75, न्यूनतम:26

      शास्त्र

  1. कथक नृत्य का संक्षिप्त इतिहास(10 से 15 वाक्यों में) ।
  2. आमद, तोडा, टुकड़ा, ततकार, परन, चक्कदार, कवित्त, तिहाई, अंग, प्रत्यंग, उपांग,गत भाव, हस्त मुद्रा, आदि की परिभाषा उदाहरण सहित।
  3. (अ) लोकनृत्य की परिभाषा तथा पाँच प्रादेशिक लोकनृत्य के नाम जानना। (ब) सात नृत्य शैलियों के नाम उनके प्रांत सहित।
  4. असंयुक्त हस्तमुद्रांये:- प्रयोग:- ( अभिनय दर्पण से)।    1.कपित्थ,2.कटकामुख,3.सूचि,4.चंद्रकला,5. पद्मकोश,6.सर्पशीर्ष,7.मृगशीर्ष,8.सिंहमुख,9.कांगुल,10. अलपद्म,11.चतुर,भ्रमर,17. हंसास्य, 14.हंसपक्ष, 15. संदेश,16. मुकुल, 17. ताम्रचूड़, 18. त्रिशूल।
  5. किसी प्रसिद्ध कथक कलाकार की जीवनी (10 वाक्यों में)।
  6. वर्तमान पाँच तबला वादकों के नाम जो कथक नृत्य की संगत करते हो।
  7. () लिपिबद्ध करना– तीनताल में 1 तिहाई, 1 साधारण आमद (ताथई, ततथई), 1 परन जुड़ी आमद, 1 तोड़ा, 1 परन, 1 कवित्त।

(ख) झपताल में ठेके की ठाह (बराबर), दुगुन, 1 तिहाई, 1 तोड़ा, 1, सादा आमद, 1परन।

(ग) दादरा तथा कहरवा तालों के ठेके को ताल चिन्ह सहित लिखना।

 

क्रियात्मक

   तीनताल:- 1.ठाट, 2. परन जुड़ी आमद,1. रंगमंच प्रमाण, 4. तोड़े (कम से कम तीन आवृत्ति), 2. परन, 2. चक्कदार परन,1 कवित्त, 1 चक्कदार तिहाई।

त्रिताल में आधी, बराबर,दुगुन, चौगुन, अठगुन तिहाई सहित, त्रिताल में बाँट तिहाई सहित।

  • गत निकास मोर मुकुट, घूघँट, बाँसुरी।
  • गतभाव– राधा का पानी भरने जाना, कृष्ण का कंकर से मटकी फोड़ना, राधा का रूष्ट होना, कृष्ण का हसना आदि।
  • गतभाव में दिखाई गयीं हस्तमुद्राओं के नाम।

झपताल:-  1. ठाट,1. आमद,1.तिहाई,2. तोड़े, 1. चक्कदार तोड़ा, 1परन। ततकार बराबर दुगुन, तिहाई सहित।

सभी बोलो को हाथ से ताली देकर पढ़ना आवश्यक है।

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