Odissi Nritya Visharad Part 1 Syllabus In Hindi Pracheen Kala Kendra

Please Rate This Post ...

Odissi Nritya Visharad Part 1 Syllabus

उड़ीसी नृत्य

परीक्षा के अंक

पूर्णाक : १५०

शास्त्र – ५०

क्रियात्मक – १००

शास्त्र

  • रस तथा भाव में सम्बन्ध, स्थायी भाव, विभाव, आलम्बन तथा उद्दीपन।
  • उड़ीसी नृत्य धारा तथा इसका कला क्रम।
  • कथाकली, कत्थक, भरत नाट्यम, मणिपुरी तुलनात्मक आलोचना ।
  • भारतीय नृत्य का पूर्ण इतिहास तथा उड़ीसा प्रदेश के कुछ लोक नृत्यों की विशेषताओं का अध्ययन।
  • श्री जगन्नाथ राय सिंह तथा महेश्वर महापात्र का संगीत क्षेत्र में योगदान
  • उड़ीसी नृत्य की तालों का ज्ञान तथा दक्षिणी ताल से तुलनात्मक विवेचना
  • नायक नायिका भेद का ज्ञान तथा उनका महत्व।
  • नाट्य शास्त्र, अभिनय दर्पण तथा अभिनय चन्द्रिका का ज्ञान।
  • नव रस के विषय में जानकारी तथा उनकी विशेषताएं।
  • ताल की उत्पत्ति तथा नृत्य में उसका प्रयोग ।
  • देवदासी, गोतिपुआ तथा जगन्नाथ के विषय में संपूर्ण जानकारी।
  • गीत गोबिन्द का आधार तथा कवि जयदेव का जीवन वृत्तान्त।

क्रियात्मक

  • उड़ीसी नृत्य के पांच पद प्रदर्शन की दक्षता ।
  • विभिन्न रसों पर अभिनय।
  • भाव सहित स्थायी तथा संचारी |
  • उड़ीसी नृत्य के अनुसार नृत्य नाट्य रचना की क्षमता।
  • तीन उड़ीसी लोक नृत्यों का प्रदर्शन।
  • गीत अनुयायी नृत्य करना तथा गाने का अभ्यास।
  • निम्नलिखित भगियों के प्रदर्शन का ज्ञान-चतुरमुख, श्रुतिकुला, गोपना, तरंगा, शरक्षेपा, प्रणता, अरातिका, शिपता, कुन्जाराभक्ता, नन्देब्रता, पदा-बलेए, अभिमाना,मेषाजुधा तथा अर्चका ।
  • अभिनय दर्पण अनुसार जाति हस्त।
  • दृष्टि भेद तथा उनका प्रयोग अभिनय दर्पण अनुसार।
  • उत्पल्वना वेद तथा उनका प्रयोग अभिनय दर्पण अनुसार।
  • निर्धारित तालें:मठ, आदिताली, निसरू, सरिमन, झूला, देसाज ताल।
  • टिप्पणी:- पूर्व वर्षो का पाठयक्रम संयुक्त रहेगा ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top