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Khamaj raag Bandish with Notation 16 Matras Allap Taan Notes

Khamaj raag notes – Naman karun mein satguru charna-Bandish- Allap Taan in Indian classical music  in hindi is described in this post of Saraswati sangeet sadhana .

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खमाज राग / Khamaj raag notes 

आरोह :-   सा  ग म प ध नि सां ।

अवरोह:-   सां नि ध प म ग रे सा ।

पकड   :-   नि ध –  , म प ध – , म ग , प म ग रे सा

थाट :- खमाज थाट

जाति :- षाडव – सम्पूर्ण  (6,7 )

वादी संवादी स्वर :- ग – नि   

गायन समय :- रात्रि का दूसरा प्रहर ।


राग खमाज छोटा खयाल 

Khamaj Raag Bandish / राग खमाज की बंदिश 

बन्दिश

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

सब दुख हरना भव निसतरना

अंतरा

शुद्ध भाव धर अंत; करना

सुर नर किन्नर वंदित चरणा


तीन ताल

एक गुन में लिखने  का तरीका –

मात्रा1    2 345678910111213141516
बोलधा धिंधिंधा धा धिंधिंधा धा तिंतिंता ता धिंधिंधा
चिन्हx   2   0   3   

इस राग में बंदिश 9 वी मात्रा से प्रारम्भ होती है ।


Khamaj raag bandish with Notation 

Khamaj raag Sthai 

9  10  11  12  / 13  14  15 16 / 1  2  3  4  / 5  6  7  8

न  म  न  क / रूँ –  में – / स त गु रु / च र णा –

सां सां नि नि / ध प म ग / ग म प ध / नि नि सां –

 9  10  11  12  / 13  14  15 16 / 1  2  3  4  / 5  6  7  8

स   ब  दु  ख  / ह  र ना – /  भ व नि स / त र ना –

सां सां गं म / गं रें सां नि / नि नि सां सां / सां नि ध प

Khamaj raag Antara / Stanza

9  10  11  12  / 13  14  15 16 / 1  2  3  4  / 5  6  7  8

शु  – द्ध भा  / –  व  ध  र / अं –  त; –  / क र  ना  – 

ग म प ध / नि नि सां – / नि नि सां सां / सां नि ध प

9  10  11  12  / 13  14  15 16 / 1  2  3  4  / 5  6  7  8

सु   र न  र / कि न न र / वं  – दि त / च र णा –

सां सां गं म / गं रें सां नि / नि नि सां सां / सां नि ध प  


Khamaj raag Allap Taan in Hindi 

Khamaj raag 16 Matras Allaap

 नमन करूँ में सतगुरु चरणा

सा ग – – / म प – – / ग म ग – / रे – सा –

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

ग म प – / नि – ध प / म प म ग / – – – –

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

ग म प – / ग म ग – / सां नि ध प / म ग रे सा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

ग म प – / नि ध प – / म प ध म / ग – – –

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

ग म प ध / नि – सां – / नि ध प – / म  प म ग –

 शुद्ध भाव धर अंत; करना

सां – – – / नि ध प – / ग म प घ / नि नि सां –

शुद्ध भाव धर अंत; करना

सां – नि सां / गं – रें सां / सां नि ध प / म ग – –


Khamaj raag 8  Matras Taan

नमन करूँ में

ग म प ध / नि नि सां – / सां नि ध प / म ग रे सा

नमन करूँ में

ग म प म / ग म प म / ग म प ध / नि नि सां –

नमन करूँ में

ग म प ध / नि नि सां – / नि नि सां – / नि नि सां –

नमन करूँ में

ग म प ध / नि सां नि ध / ग म प ध / नि नि सां – 

नमन करूँ में

ग म प ध / सां नि ध प / नि नि  ध प / म ग रे सा

नमन करूँ में

ग म प ध / नि नि सां – / नि सां रें सां / नि ध प –

शुद्ध भाव धर

सां नि ध सां नि ध सां नि / सां नि ध प / म ग रे सा

शुद्ध भाव धर

सां नि ध प / म ग रे सा / ग म प ध / नि नि सां –

शुद्ध भाव धर अंत; करना

सुर नर किन्नर वंदित चरणा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

सब दुख हरना भव निसतरना


Khamaj raag 16  Matras Taan

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

साग मम गम पप / मप धध  पध निनि / धनि सांसां धनि सांसां / सांनि धप मग रेसा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

गम गम गम पम / गम पध निध पम / गम पध निनि सां – / सांनि धप मग रेसा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

साग साग मग मग / साग मप मप मग / गम पध सांनि धप / सांनि धप मग रेसा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

साग साग साग मग / साग मप धप मग / साग मप  धनि धप / सानि धप मग रेसा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

गम गम गम पम / गम पध निध पम / गम पध निसां निध / सांनि धप मग रेसा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

सांगं माँगं रेंसां निसां / निसां रेंसां निध पम / गम पध निसां निध / सांनि धप  मग रेसा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

शुद्ध भाव धर अंत; करना

सांनि धसां निध सांनि / सांनि धप मग रेसा / गम पध निनि सां / सांनि धप मग रेसा

शुद्ध भाव धर अंत; करना

सुर नर किन्नर वंदित चरणा

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

सब दुख हरना भव निसतरना

 24  Matras Taan

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

साग साग साग मग / साग मप मग साग / मप धप मग साग /  मप धनि धप मग / सांनि धप मग रेसा  / निनि धप मग रेसा  / नमन करूँ में

नमन करूँ में सतगुरु चरणा

सब दुख हरना भव निसतरना

नमन करूँ में नमन करूँ में नमन करूँ में सतगुरु चरणा।

राग खमाज की पकड़ क्या है ?

पकड   :-   नि ध –  , म प ध – , म ग , प म ग रे सा

राग खमाज की जाति क्या है ?

जाति :- षाडव – सम्पूर्ण  (6,7 )

राग खमाज का गायन समय क्या है ?

गायन समय :- रात्रि का दूसरा प्रहर ।


Raag parichay of all raags in Indian Classical music..

 Khamaj raag- Naman karun mein satguru charna-Bandish Allap Taan is described in this post of Saraswati Sangeet Sadhana..

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