saptak in hindi

Defination of Saptak in Indian classical Music in hindi

Detail study of Saptak & types of saptak in indian classical music in hindi is available on saraswati sangeet sadhana.

सप्तक / Saptak in Indian classical Music.

क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूहो को सप्तक कहते हैं । सातों स्वरों के नाम – सा रे ग म प ध और नि हैं । सा से जैसे जैसे हम आगे बदते जाते हैं , स्वरों की आन्दोलन  – संख्या  बद्ती जाती है । रे की आन्दोलन  – संख्या सा से ,ग की रे से ,व म की ग से , अधिक होती है ।

प्रत्येक सप्तक में सा के बाद रे,ग,म, प,ध,नि,स्वर  होते हैं । नि के बाद फिर से सां आता है । और इसी स्वर से दूसरा सप्तक शुरू होता है । यह सा अथवा तर सां पिछली सा से दुगनी ऊंचाई पर रेहता है

उधारण के लिए अगर मध्य सा की आन्दोलन  संख्या 240 है तो तर सां की आन्दोलन  संख्या 480 होगी । सा से नि तक एक सप्तक होता है । नि के बाद दूसरा सां (तार) आता है और इसी स्थान से दूसरा सप्तक भी शुरू होता है । दूसरा सप्तक भी नि तक रेहता है और फ़्हिर से नि के बाद अति तार सा आता है ।

Types of Saptak / सप्तक के प्रकार

(1)      मन्द्र सप्तक

(2)      मध्य सप्तक

(3)      तार सप्तक

मध्य सप्तक – जिस सप्तक में हम अधिकतम गाते – बजाते हैं वह मध्य सप्तक  कहलता है । इस सप्तक के स्वरों का उपयोग दूसरे सप्तक के स्वरो की अपेक्षा अधिक होता है । इस सप्तक के स्वरों की आन्दोलन  संख्या मन्द्र सप्तक के स्वरों की आन्दोलन  संख्या से दुगुनी होती है और अगले सप्तक अर्थात तार सप्तक के स्वरों के आधी होती है । इसमे शुद्ध व विकृत स्वर कुल 12 होते हैं ।

 मन्द्र सप्तक  – मध्य सप्तक  के पहले का सप्तक मन्द्र सप्तक  कहलता है । यह सप्तक मध्य सप्तक से आधा होता है अर्थात मन्द्र सप्तक  के प्रत्येक स्वरों की आन्दोलन  संख्या मध्य सप्तक के उसी स्वर के आन्दोलन  की आधी होती है .जैसे मध्य के प की आन्दोलन  संख्या 360 है तो मन्द्र सप्तक  के प की आन्दोलन  संख्या 180 होगी ।

तार सप्तक – मध्य सप्तक के बाद का सप्तक तार सप्तक कहलता है । यह सप्तक मध्य सप्तक क दुगुना होता है । दूसरे शब्दों मैनतार सप्तक के प्रत्येक स्वर में मध्य सप्तक के उसी स्वर से दुगुनी आन्दोलन रहती है          जैसे – मध्य सप्तक के रे की आन्दोलन संख्या 270 है तो तार सप्तक के रे की आन्दोलन संख्या 540 होगी। इसमे भी 7 शुद्ध स्वर और 5 विकृत स्वर होते हैं ।  

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